india-structure-geomarphology
भारत :संरचना एवं भू आकृति प्रदेश प्रस्तावना भारतीय उपमहाद्वीप की वर्तमान भूवैज्ञानिक संरचना व इसके क्रियाशील भू-आकृतिक प्रक्रम मुख्यतः अंतर्जनित व बहिर्जनिक बलों व प्लेट के क्षैतिज संचरण की अंतः क्रिया के परिणाम स्वरुप अस्तित्व में आए हैं. भूवैज्ञानिक संरचना व शैल समूह की भिन्नता के आधार पर भारत को तीन भूवैज्ञानिक खंडों में विभाजित किया जाता है जो भौतिक लक्षणों पर आधारित है- प्रायद्वीपीय खंड हिमालय और अन्य अतिरिक्त प्रायद्वीपीय पर्वत मालाएं सिंधु गंगा ब्रह्मपुत्र मैदान प्रायद्वीपीय खंड प्रायद्वीप खंड की उत्तरी सीमा कटी-फटी है, जो कच्छ से आरंभ होकर अरावली पहाड़ियों के पश्चिम से गुजरती हुई दिल्ली तक और फिर यमुना व गंगा नदी के समानांतर राजमहल की पहाड़ियों व गंगा डेल्टा तक जाती है. इसके अतिरिक्त उत्तर पूर्व में कर्वी एन्ग्लोंग व मेघालय का पठार तथा पश्चिम में राजस्थान भी इसी खंड के विस्तार हैं. पश्चिम बंगाल में मालदा भ्रंश उत्तरी पूर्व भाग में स्थित मेघालय व कर्वी एन्ग्लोंग पठार को छोटा नागपुर पठार से अलग करता है. राजस्थान में यह प्रायद...